भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) दूसरी पीढ़ी के NavIC उपग्रह NVS-03 के प्रक्षेपण की तैयारी कर रहा है। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार, इसके लिए 15 से 20 अक्टूबर 2026 के बीच लॉन्च विंडो पर काम चल रहा है। NVS-03 को GSLV-F18 (GSLV Mk II) के जरिए श्रीहरिकोटा स्थित सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र से प्रक्षेपित करने की योजना है। हालांकि, ISRO ने अभी अंतिम लॉन्च तारीख की औपचारिक घोषणा नहीं की है। NVS-03, दूसरी पीढ़ी के NavIC उपग्रहों की श्रृंखला का तीसरा उपग्रह है। ISRO की वार्षिक रिपोर्ट के अनुसार, NVS-03 उन पांच नेविगेशन उपग्रहों की श्रृंखला का हिस्सा है, जिन्हें मौजूदा NavIC उपग्रह समूह को बदलने और मजबूत करने के लिए तैयार किया जा रहा है। NavIC (Navigation with Indian Constellation) भारत की क्षेत्रीय उपग्रह नेविगेशन प्रणाली है, जिसे देश की पोजिशनिंग, नेविगेशन और टाइमिंग जरूरतों को पूरा करने के लिए विकसित किया गया है। ISRO के अनुसार, इसकी मूल संरचना सात उपग्रहों और 24x7 ग्राउंड नेटवर्क पर आधारित है। वर्तमान में केवल तीन NavIC उपग्रह परिचालन में हैं। ऐसे में चार उपग्रहों की न्यूनतम आवश्यकता पूरी नहीं होने के कारण स्वतंत्र पोजिशनिंग सेवा प्रभावित है। NVS-03 के सफल प्रक्षेपण और कक्षा में स्थापित होने के बाद इस क्षमता को बहाल करने में मदद मिलने की उम्मीद है। NavIC का उपयोग परिवहन, संचार, समय-सिंकिंग, महत्वपूर्ण अवसंरचना और रणनीतिक अनुप्रयोगों सहित विभिन्न क्षेत्रों में किया जा सकता है। NVS-03 के बाद NVS-04 और NVS-05 भी दूसरी पीढ़ी के NavIC उपग्रहों के रूप में प्रणाली की निरंतरता और विश्वसनीयता को मजबूत करने की योजना का हिस्सा हैं।
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