स्वावलंबी भारत अभियान एवं स्वदेशी जागरण मंच के तत्वावधान में मण्डखो बालाजी मंदिर परिसर में ‘स्वदेशी परिवार स्नेह मिलन एवं उद्यमी सम्मान समारोह’ हर्षोल्लास और वैचारिक चिंतन के साथ संपन्न हुआ। समारोह का मुख्य उद्देश्य समाज में स्वदेशी चेतना का विस्तार, पारिवारिक मूल्यों का संरक्षण, उद्यमिता संवर्धन, पर्यावरण रक्षा और स्वावलंबन के माध्यम से 'आत्मनिर्भर भारत' के संकल्प को धरातल पर उतारना रहा।कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथियों द्वारा मां भारती एवं स्वामी विवेकानंद के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलन कर किया गया। जिला युवा कार्य प्रमुख ऋषि माहेश्वरी ने सभी अतिथियों का परिचय कराया। यह गरिमामय समारोह संत शिरोमणि देवदास जी त्यागी के पावन सान्निध्य में आयोजित हुआ। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि स्थानीय सफल उद्यमी मांगीलाल प्रजापत रहे, अध्यक्षता समाजसेवी मुकेश शर्मा ने की तथा विशिष्ट अतिथि के रूप में मंच के वरिष्ठ पदाधिकारी राजेश गौतम उपस्थित रहे पारिवारिक संस्कार और राष्ट्रनिष्ठा ही स्वावलंबन की नींव: संत देवदास जीसमारोह में आशीर्वचन प्रदान करते हुए संत शिरोमणि देवदास जी त्यागी ने कहा कि किसी भी राष्ट्र की मजबूती उसकी सांस्कृतिक जड़ों और पारिवारिक संस्कारों पर निर्भर करती है। जब तक परिवार में स्वदेशी आचरण और कर्तव्यबोध नहीं होगा, तब तक आत्मनिर्भर समाज का निर्माण संभव नहीं है। उन्होंने प्रत्येक नागरिक से परिवार, समाज और राष्ट्र के प्रति अपनी जिम्मेदारियों का निष्ठापूर्वक निर्वहन करने का आह्वान किया। स्थानीय उत्पादों को वरीयता देने से मजबूत होगी आर्थिकी: डॉ. साहूकार्यक्रम की भूमिका चित्तौड़ प्रांत के सह विचार प्रमुख दिनेश गौड़ ने रखी। मुख्य वक्ता प्रांत सह संयोजक डॉ. देवीलाल साहू ने कहा कि राष्ट्र की सीमाओं की सुरक्षा का दायित्व केवल सेना के जवानों तक सीमित नहीं है, बल्कि देश के आर्थिक स्वावलंबन की रक्षा करना प्रत्येक जागरूक नागरिक का राष्ट्रीय कर्तव्य है। डॉ. साहू ने कहा कि भारत की वास्तविक पहचान और समृद्धि उसकी सभ्यता, संस्कृति और स्थानीय कारीगरी में समाहित है। जब नागरिक विदेशी वस्तुओं का मोह छोड़कर स्थानीय उत्पादों, कारीगरों, बुनकरों, छोटे व्यापारियों और उद्यमियों को प्राथमिकता देते हैं, तो इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजित होता है और देश की पूंजी देश में ही रहकर अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाती है। उन्होंने जोर देते हुए कहा, “स्वदेशी विचार से स्वावलंबन, स्वावलंबन से आत्मनिर्भरता और आत्मनिर्भरता के मार्ग से ही सशक्त व वैभवशाली भारत का निर्माण संभव है।”अनूठी पहल: बीजयुक्त स्वदेशी पेंसिलें बनीं आकर्षण का केंद्र समारोह में पर्यावरण संरक्षण को व्यावहारिक रूप देने के उद्देश्य से एक अभिनव प्रयोग किया गया। मंच की ओर से उपस्थित सभी परिवारों और बच्चों को विशेष स्वदेशी पेंसिलें वितरित की गईं। नगर संयोजक नवीन राठौर ने बताया कि इन पेंसिलों के पिछले हिस्से में विभिन्न पौधों के बीज समाहित किए गए हैं। जब पेंसिल लिखते-लिखते समाप्त हो जाएगी, तो उसे फेंकने के बजाय गमले या मिट्टी में रोपने पर वह एक पौधे का रूप ले लेगी। स्थानीय उद्यमशीलता को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से मंच द्वारा हस्तशिल्प व व्यवसाय के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करने वाले स्थानीय उद्यमी मांगीलाल प्रजापत (सांवरिया प्रतिष्ठान) का शॉल ओढ़ाकर एवं स्मृति चिह्न भेंट कर सार्वजनिक अभिनंदन किया गया। इस अवसर पर प्रजापत ने अपने संघर्ष और सफलता की प्रेरक यात्रा साझा करते हुए युवाओं को स्वरोजगार व उद्यमशीलता के क्षेत्र में आगे आने के लिए प्रेरित किया इसके उपरांत वरिष्ठ पदाधिकारी राजेश गौतम ने उपस्थित नागरिकों को दैनिक जीवन में स्वदेशी वस्तुएं अपनाने, स्थानीय उद्योगों को संबल देने और अपने घरों को 'स्वदेशी संकल्पित परिवार' बनाने का सामूहिक संकल्प दिलवाया।संगठन विस्तार: महिला आयाम व टीम-11 के दायित्व घोषित संगठन को जमीनी स्तर पर विस्तार देने के लिए जिला संयोजक हरीश नामा ने टीम-11 एवं महिला आयाम के नवीन दायित्वों की घोषणा की। नवघोषित कार्यकारिणी में प्रियंका धनोरिया को तहसील महिला प्रमुख एवं शारदा सोनी को नगर महिला प्रमुख नियुक्त किया गया। इसके साथ ही कार्यकारिणी सदस्य के रूप में निरंजना शर्मा, ज्योति चौरसिया, कनिका सोनी, विनय गोयल, सलोनी सोनी और किरण बंसल को दायित्व सौंपा गया। समारोह के समापन पर तहसील संयोजक संजय बंसल ने पूज्य संत, मंचासीन अतिथियों, मंदिर प्रबंधन समिति, कार्यकर्ताओं और पधारे हुए नागरिकों का आभार व्यक्त किया। राष्ट्रगीत 'वंदे मातरम्' के सामूहिक गान के साथ समारोह संपन्न हुआ।
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