भारत की स्वदेशी रक्षा तकनीक को एक और बड़ी सफलता मिली है। भारतीय कंपनी डेटा पैटर्न्स (Data Patterns)द्वारा विकसित HAWK-I-2700 GaN आधारित AESA (Active Electronically Scanned Array) रडार भारतीय वायुसेना के Su-30MKIलड़ाकू विमानों के आधुनिकीकरण कार्यक्रम के लिए एक मजबूत स्वदेशी विकल्प के रूप में उभर रहा है। इस अत्याधुनिक रडार में गैलियम नाइट्राइड (GaN)तकनीक का उपयोग किया गया है, जो अधिक ऊर्जा दक्षता, बेहतर प्रदर्शन, तेज़ सिग्नल प्रोसेसिंग और लंबी दूरी तक लक्ष्य की सटीक पहचान करने की क्षमता प्रदान करती है। जानकारी के अनुसार, इस रडार में लगभग 2400 से 2700 ट्रांसमिट/रिसीव मॉड्यूल (TRM) लगाए गए हैं और इसकी लक्ष्य पहचान क्षमता लगभग 350 किलोमीटर** तक बताई जा रही है। यह रडार एक साथ कई हवाई लक्ष्यों का पता लगाने, उनकी निगरानी करने और उन्हें ट्रैक करने में सक्षम है, जिससे भारतीय वायुसेना की युद्धक क्षमता और अधिक मजबूत होगी। इस स्वदेशी प्रणाली के उपयोग से विदेशी तकनीक पर निर्भरता कम होगी और रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भर भारत अभियान को भी नई मजबूती मिलेगी। निजी क्षेत्र की भागीदारी से विकसित यह रडार भारत की रक्षा उत्पादन क्षमता, तकनीकी नवाचार और स्वदेशी अनुसंधान की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि Su-30MKI जैसे प्रमुख लड़ाकू विमानों में इस आधुनिक रडार के शामिल होने से भारतीय वायुसेना की निगरानी, हवाई सुरक्षा और युद्ध संचालन क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी तथा देश की रणनीतिक सुरक्षा और आत्मनिर्भर रक्षा प्रणाली को और अधिक मजबूती मिलेगी।
Dharmakshetra, Shiv Shakti Mandir, Babu Genu Marg,
Sector 8, Rama Krishna Puram,
New Delhi, Delhi 110022
+91 80031 98250
info@mysba.co.in