केंद्रीय वित्त मंत्री Nirmala Sitharaman ने भारतीय खिलौना उद्योग से वैश्विक 179 अरब डॉलर के खिलौना बाजार में 25% हिस्सेदारी हासिल करने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य रखने का आह्वान किया है। उन्होंने कहा कि भारत के पास समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, पारंपरिक हस्तशिल्प, कुशल कारीगर, आधुनिक विनिर्माण क्षमता और नवाचार की मजबूत नींव मौजूद है, जिसके बल पर देश दुनिया के प्रमुख खिलौना उत्पादक देशों में अपनी पहचान बना सकता है। वित्त मंत्री ने उद्योग जगत से गुणवत्ता, सुरक्षा मानकों का पालन, आकर्षक डिज़ाइन, नई तकनीकों के उपयोग, अनुसंधान एवं विकास, कौशल विकास तथा निर्यात क्षमता बढ़ाने पर विशेष ध्यान देने की अपील की। उन्होंने कहा कि भारतीय खिलौने केवल व्यापार और रोजगार का माध्यम नहीं हैं, बल्कि वे भारत की संस्कृति, परंपरा, रचनात्मकता और शैक्षिक मूल्यों को पूरी दुनिया तक पहुँचाने का प्रभावी साधन भी बन सकते हैं। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि यदि उद्योग सरकार, स्टार्टअप, कारीगर और उद्यमी मिलकर काम करें, तो भारत वैश्विक खिलौना बाजार में बड़ी हिस्सेदारी हासिल करने के साथ-साथ लाखों नए रोजगार के अवसर भी सृजित कर सकता है और "मेक इन इंडिया" तथा "आत्मनिर्भर भारत" अभियान को नई गति मिल सकती है।
Dharmakshetra, Shiv Shakti Mandir, Babu Genu Marg,
Sector 8, Rama Krishna Puram,
New Delhi, Delhi 110022
+91 80031 98250
info@mysba.co.in