Indian Institute of Technology Delhi में स्वदेशी ऊर्जा एवं खाद आत्मनिर्भरता अभियान" विषय पर एक राष्ट्रीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का आयोजन स्वदेशी शोध संस्थान ने उन्नत भारत अभियान बायोगैस विकास एवं प्रशिक्षण केंद्र (आईआईटी दिल्ली) बायोगैस फोरम इंडिया तथा गौ सेवा आयोग, उत्तर प्रदेश के सहयोग से किया। कार्यशाला में 120 से अधिक नीति-निर्माताओं, शोधकर्ताओं, उद्योग जगत के प्रतिनिधियों, बायोगैस विशेषज्ञों, शिक्षाविदों तथा विभिन्न सरकारी एवं सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य बायोगैस तकनीक, जैविक उर्वरकों और सतत ऊर्जा समाधानों के माध्यम से भारत को ऊर्जा एवं खाद के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने के लिए नीति, अनुसंधान और उद्योग के बीच समन्वित कार्ययोजना तैयार करना था। कार्यशाला के दौरान विशेषज्ञों ने स्वच्छ ऊर्जा उत्पादन, जैविक कृषि, अपशिष्ट प्रबंधन और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने में बायोगैस की भूमिका पर विस्तार से चर्चा की। कृषि अवशेषों, गोबर तथा अन्य जैविक अपशिष्टों से ऊर्जा और जैविक खाद के उत्पादन को बढ़ावा देने, रासायनिक उर्वरकों पर निर्भरता कम करने तथा पर्यावरण-अनुकूल कृषि प्रणाली विकसित करने पर विशेष जोर दिया गया। साथ ही, बायोगैस संयंत्रों के विस्तार, तकनीकी नवाचार, अनुसंधान सहयोग और किसानों तक इन तकनीकों की पहुंच बढ़ाने के लिए विभिन्न सुझाव भी प्रस्तुत किए गए। विशेषज्ञों का मानना है कि बायोगैस और जैविक उर्वरकों का व्यापक उपयोग भारत को ऊर्जा सुरक्षा, खाद आत्मनिर्भरता और सतत विकास की दिशा में नई मजबूती प्रदान कर सकता है। नीति-निर्माताओं, वैज्ञानिकों, उद्योग जगत और सामाजिक संगठनों के साझा प्रयासों से स्वच्छ ऊर्जा, पर्यावरण संरक्षण, ग्रामीण रोजगार और किसानों की आय में वृद्धि को बढ़ावा मिलेगा। इस प्रकार की पहलें **आत्मनिर्भर भारत**, हरित ऊर्जा और टिकाऊ कृषि व्यवस्था के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हुए देश के दीर्घकालिक आर्थिक एवं पर्यावरणीय विकास को नई गति प्रदान करेंगी।
Dharmakshetra, Shiv Shakti Mandir, Babu Genu Marg,
Sector 8, Rama Krishna Puram,
New Delhi, Delhi 110022
+91 80031 98250
info@mysba.co.in