भारत के विदेश मंत्री S. Jaishankar 22 से 25 जून 2026 तक Mongolia और South Korea की चार दिवसीय आधिकारिक यात्रा पर हैं। इस दौरान वे दोनों देशों के शीर्ष नेतृत्व और अपने समकक्ष विदेश मंत्रियों के साथ द्विपक्षीय बैठकें करेंगे। यात्रा का मुख्य उद्देश्य भारत के इन महत्वपूर्ण साझेदार देशों के साथ रणनीतिक संबंधों को और मजबूत बनाना, चल रही परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा करना तथा नए सहयोग के अवसरों की पहचान करना है। यह दौरा ऐसे समय में हो रहा है जब भारत इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में अपनी कूटनीतिक और आर्थिक भागीदारी को लगातार विस्तार दे रहा है। यात्रा के दौरान डॉ. जयशंकर प्रसिद्ध Jeju Forum for Peace and Prosperity में मुख्य वक्तव्य भी देंगे। विभिन्न बैठकों में व्यापार, निवेश, उन्नत प्रौद्योगिकी, रक्षा सहयोग, आपूर्ति श्रृंखलाओं की मजबूती, महत्वपूर्ण खनिज संसाधन, डिजिटल प्रौद्योगिकी और क्षेत्रीय सुरक्षा जैसे विषयों पर व्यापक चर्चा होने की संभावना है। विशेष रूप से सेमीकंडक्टर, स्वच्छ ऊर्जा, बैटरी निर्माण और महत्वपूर्ण खनिजों के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया जा सकता है। भारत और पूर्वी एशियाई देशों के बीच बढ़ते संबंध क्षेत्रीय स्थिरता, आर्थिक विकास और रणनीतिक संतुलन को नई दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। मंगोलिया और दक्षिण कोरिया के साथ गहरे होते संबंध भारत के लिए उन्नत प्रौद्योगिकी, सेमीकंडक्टर निर्माण, महत्वपूर्ण खनिज संसाधनों की उपलब्धता, रक्षा उत्पादन तथा विदेशी निवेश के नए अवसर खोल सकते हैं। वैश्विक साझेदारियों के माध्यम से भारत अपनी तकनीकी क्षमताओं, विनिर्माण आधार और नवाचार पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत कर रहा है। इससे देश में उच्च गुणवत्ता वाले रोजगार, औद्योगिक विकास और तकनीकी आत्मनिर्भरता को बढ़ावा मिलेगा। ‘मेक इन इंडिया’ और ‘आत्मनिर्भर भारत’ जैसे अभियानों को गति देने में ऐसी रणनीतिक साझेदारियां महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं, जो भारत को वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं और उभरती प्रौद्योगिकियों के क्षेत्र में एक मजबूत और विश्वसनीय भागीदार के रूप में स्थापित करने में सहायक होंगी।
Dharmakshetra, Shiv Shakti Mandir, Babu Genu Marg,
Sector 8, Rama Krishna Puram,
New Delhi, Delhi 110022
+91 80031 98250
info@mysba.co.in