RMZ Infrastructure ने अपनी डेटा सेंटर क्षमता को तेजी से बढ़ाने की महत्वाकांक्षी योजना की घोषणा की है। बेंगलुरु मुख्यालय वाली कंपनी वर्तमान में लगभग 250 मेगावाट क्षमता का संचालन कर रही है और अब तीन नई डेटा सेंटर परियोजनाओं के लिए अंतिम चरण की चर्चाओं में शामिल है। इन परियोजनाओं के पूरा होने के बाद कंपनी की कुल क्षमता 1 गीगावाट (GW) से अधिक हो जाएगी। कंपनी के अध्यक्ष Deepak Chhabria के अनुसार, भारत में डिजिटल सेवाओं, क्लाउड कंप्यूटिंग, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), डेटा एनालिटिक्स और उच्च क्षमता वाले डेटा प्रोसेसिंग की मांग लगातार बढ़ रही है, जिसके कारण डेटा सेंटर क्षेत्र में बड़े पैमाने पर निवेश आकर्षित हो रहा है। भारत में तेजी से बढ़ते डिजिटलीकरण, 5G नेटवर्क के विस्तार, ई-कॉमर्स, फिनटेक, डिजिटल भुगतान और एआई आधारित सेवाओं ने डेटा भंडारण एवं प्रोसेसिंग की जरूरत को कई गुना बढ़ा दिया है। इसी कारण वैश्विक और घरेलू कंपनियां डेटा सेंटर अवसंरचना में बड़े निवेश कर रही हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि डेटा सेंटर केवल तकनीकी सुविधाएं नहीं हैं, बल्कि वे आधुनिक डिजिटल अर्थव्यवस्था की रीढ़ बन चुके हैं। आरएमजेड का यह विस्तार भारत को वैश्विक डेटा और क्लाउड सेवाओं के प्रमुख केंद्र के रूप में स्थापित करने में महत्वपूर्ण योगदान दे सकता है। स्वदेशी एवं आत्मनिर्भर भारत का संदेश: डेटा सेंटर अवसंरचना का विस्तार भारत की डिजिटल अर्थव्यवस्था, एआई नवाचार और तकनीकी आत्मनिर्भरता के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। स्वदेशी डिजिटल अवसंरचना, हरित ऊर्जा आधारित डेटा सेंटर, क्लाउड तकनीक और उन्नत कंप्यूटिंग क्षमताओं में निवेश से भारत वैश्विक डिजिटल एवं एआई हब बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ सकता है। यह न केवल तकनीकी विकास को गति देगा, बल्कि रोजगार सृजन, निवेश आकर्षण और डिजिटल संप्रभुता को भी मजबूत करेगा, जिससे आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य को नई शक्ति मिलेगी।
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