जी-7 शिखर सम्मेलन में पीएम मोदी ने एआई के सुरक्षित और मानव-केंद्रित विकास पर दिया जोर G7 Summit में प्रधानमंत्री Narendra Modi ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के सुरक्षित, समावेशी और मानव-केंद्रित विकास का आह्वान करते हुए कहा कि इस तकनीक की वास्तविक सफलता केवल मशीनों की क्षमता बढ़ाने में नहीं, बल्कि लोगों के जीवन को बेहतर बनाने और उन्हें सशक्त करने में निहित है। उन्होंने कहा कि एआई शिक्षा, स्वास्थ्य, अनुसंधान और नवाचार के क्षेत्र में नई संभावनाएं पैदा कर सकता है, लेकिन इसके विकास के साथ सुरक्षा और नैतिकता के पहलुओं को भी समान महत्व दिया जाना चाहिए। प्रधानमंत्री ने विशेष रूप से बच्चों और युवाओं की सुरक्षा का मुद्दा उठाते हुए कहा कि डीपफेक, गलत सूचना, साइबर धोखाधड़ी और ऑनलाइन खतरों से बचाव के लिए प्रभावी वैश्विक तंत्र विकसित करना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि एआई का उपयोग समाज के हित में होना चाहिए और ऐसी व्यवस्थाएं बनाई जानी चाहिएं जो तकनीक के दुरुपयोग को रोक सकें। इसके लिए देशों के बीच सहयोग, साझा मानक और जिम्मेदार नवाचार की आवश्यकता है, ताकि डिजिटल दुनिया अधिक सुरक्षित और भरोसेमंद बन सके। प्रधानमंत्री मोदी ने यह भी कहा कि एआई तकनीक तक पहुंच केवल कुछ देशों या बड़ी कंपनियों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए। उन्होंने जोर देकर कहा कि वैश्विक दक्षिण के देशों सहित सभी राष्ट्रों को इस तकनीकी क्रांति का समान लाभ मिलना चाहिए। उनके अनुसार, एआई ऐसा माध्यम बनना चाहिए जो विकास के अवसरों का विस्तार करे, डिजिटल खाई को कम करे और समावेशी प्रगति को बढ़ावा दे। उन्होंने वैश्विक समुदाय से अपील की कि एआई को मानव कल्याण, सामाजिक विकास और विश्व के साझा भविष्य को मजबूत करने के उद्देश्य से आगे बढ़ाया जाए।
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