भारत में हाई-स्पीड रेल नेटवर्क के विस्तार की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए रेल मंत्री Ashwini Vaishnaw ने घोषणा की है कि मुंबई-पुणे बुलेट ट्रेन कॉरिडोर पर अगले वर्ष से काम शुरू किया जाएगा। यह परियोजना खास इसलिए भी है क्योंकि इसे भारत अपनी तकनीकी क्षमता और विशेषज्ञता के बल पर विकसित करेगा। वर्तमान में निर्माणाधीन मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन परियोजना जापान के सहयोग से बनाई जा रही है, लेकिन नए कॉरिडोर में भारत की आत्मनिर्भरता और तकनीकी प्रगति दिखाई देगी। लगभग 170 किलोमीटर लंबे इस मार्ग पर बुलेट ट्रेन चलने के बाद मुंबई से पुणे की यात्रा मात्र 48 मिनट में पूरी हो सकेगी, जबकि अभी इस दूरी को तय करने में कई घंटे लग जाते हैं। सरकार का मानना है कि इससे दोनों शहरों के बीच आर्थिक, औद्योगिक और सामाजिक गतिविधियों में तेजी आएगी और मुंबई-पुणे क्षेत्र एक बड़े एकीकृत विकास केंद्र के रूप में उभरेगा। रेल मंत्री ने पुणे में आयोजित कार्यक्रम के दौरान बताया कि देश में अब बुलेट ट्रेन जैसी अत्याधुनिक परियोजनाओं को अपने दम पर बनाने की क्षमता विकसित हो चुकी है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री Narendra Modi द्वारा घोषित सात नए हाई-स्पीड रेल कॉरिडोरों में मुंबई-पुणे परियोजना को प्राथमिकता दी गई है। इसके अलावा पुणे-हैदराबाद बुलेट ट्रेन कॉरिडोर भी प्रस्तावित है, जहां लगभग 500 किलोमीटर की दूरी को केवल 2 घंटे 8 मिनट में तय किया जा सकेगा। मंत्री के अनुसार, मुंबई, पुणे, हैदराबाद, अहमदाबाद, सूरत, वापी और ठाणे जैसे शहरों के बीच तेज रेल संपर्क बनने से एक विशाल आर्थिक इकोसिस्टम तैयार होगा, जिससे उद्योग, व्यापार, रोजगार और निवेश को नई गति मिलेगी। उन्होंने यह भी कहा कि रेलवे नेटवर्क की क्षमता बढ़ाने और आधुनिक स्टेशनों के विकास पर तेजी से काम किया जा रहा है ताकि यात्रियों को बेहतर सुविधाएं मिल सकें। देश की पहली बुलेट ट्रेन परियोजना, Mumbai–Ahmedabad High-Speed Rail Corridor, पर भी तेजी से काम चल रहा है। लगभग 508 किलोमीटर लंबे इस कॉरिडोर में गुजरात और महाराष्ट्र के कई हिस्सों में निर्माण कार्य प्रगति पर है। सरकार को उम्मीद है कि सूरत-वापी खंड पर अगस्त 2027 तक बुलेट ट्रेन सेवा शुरू हो सकती है, जबकि पूरा कॉरिडोर 2028 तक चालू होने की संभावना है। इस मार्ग पर ट्रेनें 320 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलेंगी। वित्त वर्ष 2026-27 के बजट में घोषित सात नए हाई-स्पीड रेल कॉरिडोरों में मुंबई-पुणे, पुणे-हैदराबाद, हैदराबाद-बेंगलुरु, हैदराबाद-चेन्नई, चेन्नई-बेंगलुरु, दिल्ली-वाराणसी और वाराणसी-सिलीगुड़ी शामिल हैं। इन परियोजनाओं के पूरा होने से भारत का परिवहन ढांचा नई ऊंचाइयों पर पहुंचेगा और देश के प्रमुख आर्थिक केंद्रों के बीच यात्रा समय में भारी कमी आएगी।
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